Tuesday, 3 July 2012

.....चली आओ इस देश ‘लाडो’

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ मैदान में आया खेल गांव निडानी का युवा मंडल

नरेंद्र कुंडू
जींद।
बेटी पैदा होने पर भी अब घरों में थाली बजेगी। बैंड-बाजे के साथ धूमधाम से कुआं पूजन भी होगा। आईटी विलेज बीबीपुर की तर्ज पर अब खेल गांव निडानी का युवा मंडल भी 'लाडो' को बचाने के लिए मैदान में कूद पड़ा है। बेटा-बेटी के बीच के फासले को कम करने के लिए युवा मंडल के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि जो भी परिवार गांव में लड़की के जन्म पर कुआ पूजन करेगा उसका सारा खर्च युवा संगठन उठाएगा। इसके अलावा युवा संगठन के सदस्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए ग्रामीणों को भी प्रेरित करेंगे।
कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जिले में लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आईटी विलेज बीबीपुर की महिलाओं द्वारा कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ शंखनाद करने के बाद इस मुहिम में लगातार कड़ियां जुड़ने लगी हैं। बीबीपुर की महिलाओं के साथ-साथ जहां सर्व खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के फैसले पर मोहर लगा दी है, वहीं अब खेल गांव निडानी के युवा मंडल के सदस्य भी बेटी बचाने के लिए आगे आए हैं। युवा मंडल के सदस्यों ने बेटा-बेटी के बीच की खाई को पाटने तथा बेटियों के प्रति संकीर्ण सोच रखने वाले लोगों की सोच को बदलने का बीड़ा उठाया है। अपनी इस मुहिम के तहत युवा मंडल के सदस्य लड़कों के जन्म पर होने वाले आयोजन की तर्ज पर लड़कियों के जन्म पर भी समारोह का आयोजन करवाएंगे। जो भी परिवार लड़की के जन्म पर कुआ पूजन करवाएगा, तो कुआ पूजन के दौरान बैंड-बाजे पर आने वाला सारा खर्च युवा मंडल उठाएगा। युवा मंडल के सदस्यों का मानना है कि इस मुहिम के बाद गांव में लोगों की सोच में परिर्वतन आएगा। लोग बेटा-बेटी के बीच के अंतर को भूलकर बेटी के जन्म पर भी समारोह का आयोजन कर खुशियां मनाएंगे। इसके अलावा युवा मंडल के सदस्य कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ लोगों को जागरुक करने के लिए समय-समय पर गांव में कार्यक्रमों का आयोजन भी करवाएंगे। ताकि  सदियों से बेटियों के प्रति लोगों के दिमाग में बनी नकारात्मक तस्वीर को बदला जा सके। इसके लिए युवा मंडल के सदस्यों ने अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली है।

युवा संगठन ने शुरू की अनोखी पहल

बेटों की चाह रखने वाले लोगों की छोटी सोच के कारण आज प्रदेश में लिंगानुपात काफी गड़बड़ा गया है, जो कि समाज के लिए चिंता का विषय है। अगर समय रहते इस ओर कोई सकारात्मक कदम नहीं बढ़ाए गए तो भविष्य में इसके ओर भी गंभीर परिणाम सामने आएंगे। इसलिए युवा संगठन ने इस सामाजिक बुराई को मिटाने के लिए बेटी के जन्म पर भी समारोह का आयोजन करवाने का निर्णय लिया है। युवा संगठन द्वारा शुरू की गई यह पहल एक अनोखी पहल है। युवा संगठन द्वारा इस शुरू की गई इस पहल से लोगों की सोच में परिवर्तन आएगा साथ ही अन्य गांव के लोग व सामाजिक संगठन भी उनसे सीख ले सकेंगे।
सुरेश पूनिया, चेयरमैन
युवा मंडल, निडानी

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