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*बर्फानी ढलान पर एक अंतहीन मोड़*

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​उत्तरकाशी के पहाड़ों में उस दिन बर्फ़ का तूफ़ान उम्मीद से कहीं ज़्यादा जल्दी आ गया था। 32 वर्षीय मानस, जो खुद को एक अनुभवी ट्रेकर मानता था, इस बार हिमालय के मिजाज को भांपने में चूक गया। कांपते हाथों और धुंधली पड़ती रोशनी के बीच, उसका पैर अचानक एक गीली चट्टान से फिसला। ​एक खौफनाक चीख घाटी में गूंज उठी। मानस कई सौ फीट नीचे एक गहरी खाई में गिरता चला गया। जब उसकी पीठ एक नुकीली चट्टान से टकराई, तो एक तीखा दर्द उसके पूरे वजूद में दौड़ गया, और चारों तरफ सिर्फ गहरा, अंतहीन अंधेरा छा गया। ​जब मानस की आँखें खुलीं, तो उसे न तो कड़ाके की ठंड महसूस हो रही थी और न ही हड्डियों को तोड़ देने वाला वो दर्द। हवा में जड़ी-बूटियों की एक सोंधी सी महक थी और सामने एक पवित्र धूनी (आग) जल रही थी। ​"अमृत पी लो, बेटा।" ​एक गहरी, शांत और गूंजती हुई आवाज मानस के कानों में पड़ी। उसने मुड़कर देखा—एक लंबी जटाओं, दाढ़ी मूंछ वाले, भस्म लपेटे दरम्याना कद के सिद्ध योगी उसकी तरफ देख रहे थे।  उनकी आँखों में असीम करुणा थी और एक ऐसा तेज था जो सूरज को भी फीका कर दे। ​"मैं कहाँ हूँ? क्या मैं मर चुका ह...

*हरियाणा को स्टार्टअप्स के लिए एक अग्रणी हब के रूप में स्थापित करना हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने हरियाणा के स्टार्टअप उद्यमियों के साथ की बैठक* *वित्त वर्ष 2025- 26 के राज्य बजट में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए बनाई जाएगी नई योजनाएं – मुख्यमंत्री* चंडीगढ़ 4 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को स्टार्टअप्स के लिए एक अग्रणी हब के रूप में स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हरियाणा स्टार्टअप्स का एक प्रमुख केंद्र बने, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार का ध्येय है कि मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के तहत देशभर में हरियाणा की एक अनूठी पहचान बने, जो न केवल आर्थिक विकास का माध्यम बने, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों के द्वार भी खोले। मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में हरियाणा के स्टार्टअप उद्यमियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सहकारिता और पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा भी उपस्थित रहे। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आगामी समय में हरियाणा में स्टार्टअप्स की संख्या 3 गुणा बढ़नी चाहिए। इसके लिए आज हर सफल स्टार्टअप उद्यमी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह आगे 3 नए स्टार्टअप को बढ़ा...

जाट लैंड में गैर जाट कार्ड खेल कमल खिलाने में सफल हुई भाजपा

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--जींद के इतिहास में पहली बार भाजपा को मिली चार सीटें --जींद से भाजपा प्रत्याशी डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने लगाई हैट्रीक तो उचाना से नए चेहरे ने दिग्गज नेताओं को चटाई धूल नरेंद्र कुंडू   जींद, 8 अक्तूबर : जाट लैंड में गैर जाट कार्ड खेल कर भाजपा इस बार जींद जिले की चार सीटों पर कमल खिलाने में सफल हुई है। जींद के आज तक के इतिहास में पहली बार भाजपा को चार सीटें मिली हैं। इससे पहले दो बार जींद में तो एक बार उचाना में भाजपा जीत दर्ज कर पाई थी। लेकिन इस बार जींद, सफीदों, उचाना व नरवाना में भाजपा ने जीत दर्ज की है। इतना ही नहीं उचाना की हाट सीट पर भाजपा द्वारा उतारे गए नए चेहरे देवेंद्र अत्री ने पूर्व उपमुख्यंत्री दुष्यंत चौटाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह के पुत्र सांसद बृजेंद्र सिंह जैसे बड़े दिग्गज नेताओं को धूल चटाने का काम किया है। यहां एक खास बात यह भी है कि भाजपा द्वारा इस बार जींद जिले में तीन विधानसभा सीटों पर स्थानीय नेताओं को नकारते हुए बाहरी प्रत्याशियों पर दांव खेला गया था। इन तीन प्रत्याशियों में से दो प्रत्याशी जीत हासिल करने में सफल हुए हैं। जींद विधानसभा सीट पर भाजपा प...

जींद के इतिहास में पहली बार खिला भाजपा का कमल

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जींद, नरवाना, उचाना तथा सफीदों में भाजपा तो जुलाना में कांग्रेस ने मारी बाजी नरेंद्र कुंडू   जींद, 8 अक्तूबर : राजनीति की राजधानी माने जाने वाले जींद जिले में भाजपा ने कांग्रेस का सफाया करते हुए कमल खिलाने का काम किया है। जींद जिले की पांच सीटों में से 4 सीटों जींद, सफीदों, उचाना व नरवाना पर भाजपा ने कमल खिलाने का काम किया है। वहीं जुलाना की सीट पर ओलंपियन खिलाड़ी कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फौगाट ने जीत हासिल की है। जींद के इतिहास में पहली बार भाजपा को चार सीटों मिली हैं। इससे पहले भाजपा 2014 में एक बार उचाना में तो दो बार जींद में कमल खिलाने में सफल हुई थी। लेकिन 2024 के चुनाव में भाजपा ने एक साथ चार सीटें जीत कर इतिहास बदलने का काम किया है। इतना ही नहीं जींद जिले की सबसे हॉट सीट उचाना में इस बार पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह के बेटे पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को भाजपा के एक नए चेहरे देवेंद्र अत्री ने पराजित करने का काम किया है। पूर्व उपमंख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए हैं। जींद जिले में भाजपा ने अपना सुखा खत्म क...

जींद विधानसभा में एक बार फिर मिढ़ा व गुप्ता परिवार की शाख दाव पर

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--जींद विधानसभा सीट पर भाजपा व कांग्रेस चुनाव में नहीं फूंक पा रहे जान --जींद विधानसभा में इनैलो बिगाड़ रही भाजपा का खेल व निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप गिल कांग्रेस को पहुंचा रहा नुकसान नरेंद्र कुंडू   जींद, 26 सितम्बर : राजनीति का गढ़ कही जाने वाली जींद विधानसभा सीट पर एक बार फिर से मिढ़ा व गुप्ता परिवार की राजनीतिक शाख दाव पर लगी हुई। क्योंकि पूर्व मंत्री मांगे राम गुप्ता जींद विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं। मांगे राम गुप्ता 2000 से 2009 तक लगातार दो बार जींद से विधायक रहे और इस दौरान वह कांग्रेस सरकार में मंत्री भी बने। 2009 तक जींद की राजनीति में गुप्ता परिवार की तुती बोलती थी। लेकिन 2009 के विधानसभा चुनाव में डॉ. हरिचंद मिढ़ा ने मांगे राम गुप्ता को 7862 वोटों से पराजित कर उनकी राजनीतिक जमीन छीन ली। इसके बाद से जींद विधानसभा सीट पर मिढ़ा परिवार का कब्जा है। 2009 व 2014 में डॉ. हरिचंद मिढ़ा यहां से विधायक बने। अगस्त 2018 में डॉ. हरिचंद मिढ़ा की मृत्यु के बाद जनवरी 2019 में हुए जींद उपचुनाव में डॉ. हरिचंद मिढ़ा के पुत्र डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और वह जजपा प्रत्य...

भाजपा के इशारे पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे वोट काटुओं से सतर्क रहना सफीदों वासियों : दीपेंद्र हुड्डा

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--कहा, सुभाष गांगोली को भारी मतों से जीताकर चंडीगढ़ भेज देना मंत्री बनाना मेरा काम --निर्दलीयों पर तंज कसते हुए कहा जो आज हमारे नहीं हुए वो कल हमारे कैसे हो जाएंगे कांग्रेस सरकार बनते ही सफीदों में बनेगा आईएमटी, युवाओं को दूंगा रोजगार : सुभाष गांगोली नरेंद्र कुंडू   जींद, 27 सितम्बर : कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा सरकार को लोकतंत्र के इतिहास की सबसे खराब सरकार करार देते हुए कहा कि बीजेपी ने अपने 10 साल के कार्यकाल में हरियाणा को विकास व खुशहाली के रास्ते से हटाने का काम किया है। अब बीजेपी की इस अत्याचारी, अन्यायी सरकार से पीछा छुड़ाने का समय आ गया है। प्रदेश के कोने-कोने से एक ही आवाज आ रही है भाजपा जा रही है और कांग्रेस आ रही है। दीपेन्द्र हुड्डा शुक्रवार को सफीदों की अनाज मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष गांगोली द्वारा आयोजित रैली में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। रैली में हजारों लोगों की भीड़ देखकर दीपेन्द्र हुड्डा गदगद नजर आए और ऐलान किया कि आप रिकॉर्ड मतों से सुभाष गांगोली को जीतकर चंडीगढ़ भेज दो, मैं आपसे वादा करता हूं कि ये चंडीगढ़ से खाली हाथ वापिस नहीं आएंग...

सफीदों की धरती पर भाजपा के लिए कमल खिलाना नहीं है आसान

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सफीदों की जनता ने 2014 मोदी लहर में भी भाजपा प्रत्याशी को नकारा   सफीदों से एक बार भी नहीं जीत पाया कोई बाहरी उम्मीदवार नरेंद्र  कुंडू  जींद, 25 सितम्बर : विधानसभा 2024 के इस चुनाव में सफीदों की धरती पर भाजपा के लिए कमल खिलाना इस बार भी आसान नहीं है। हालांकि भाजपा आज तक एक बार भी सफीदों में जीत दर्ज नहीं कर पाई है। 2014 में मोदी लहर में भी भाजपा यहां से सीट नहीं निकाल पाई थी। सफीदों में इस बार सीधा मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच है। जजपा, इनैलो व आजाद उम्मीदवार इस बार मुकाबले से बाहर नजर आ रहे हैं। भाजपा व कांग्रेस की आमने-सामने की टक्कर में कई ऐसे फैक्टर हैं जो भाजपा के लिए गले की फांस बन रहे हैं। यहां सबसे बड़ा फैक्टर तो भाजपा प्रत्याशी का बाहरी होना है। क्योंकि सफीदों की धरती से आज तक कोई बाहरी प्रत्याशी जीत नहीं पाया है। सफीदों की जनता ने बाहरी प्रत्याशी को हर बार नकार दिया है। वहीं रामकुमार गौतम को टिकट मिलने के बाद से यहां के स्थानीय नेताओं में भी नाराजगी चल रही है। अब देखना यह है कि क्या इस बार भाजपा सफीदों में अपना सूखा खत्म कर यहां कमल खिला पाएगी या कांग्रे...