दूसरे प्रदेशों में पहुंची जहर मुक्त खेती की मुहिम

निडाना की महिलाओं से कीट प्रबंधन के गुर सीखेंगे पंजाब के किसान


 मुख्य कृषि अधिकारी सरबजीत कंधारी को स्मृति चिह्न देते किसान।
कीट साक्षरता केंद्र पर मुख्य कृषि अधिकारी को कीटों की जानकारी देती महिला।
नरेंद्र कुंडू
जींद।
कीट प्रबंधन में माहरत हासिल कर चुकी निडाना कीट साक्षरता केंद्र की महिलाओं का डंका अब दूसरे प्रदेशों में भी बजने लगा है। निडाना के किसानों द्वारा शुरू की गई जहर मुक्त खेती की मुहिम अब दूसरे प्रदेशों तक पहुंचने लगी है। फेसबुक पर इन महिलाओं के चर्चे सुनकर खुद पंजाब के होशियारपुर जिले के मुख्य कृषि अधिकारी एवं आत्मा स्कीम के प्रोजैक्ट डायरेक्टर सरबजीत सिंह कंधारी ने शनिवार को निडाना के कीट साक्षरता केंद्र का दौरा किया। साक्षरता केंद्र की अनपढ़ महिलाओं के कीट प्रबंधन के ज्ञान को देखकर उन्होंने पंजाब के किसानों को भी यहां पर ट्रेनिंग दिलवाने की इच्छा जाहिर की। इस अवसर पर इनके साथ होशियारपुर जिले के प्रगतिशील किसान अशोक कुमार भी  साथ थे। मास्टर टेÑनर महिलाओं ने मुख्य कृषि अधिकारी को बताया कि अगर किसान को फसल में मौजूद माशाहारी व शाकाहारी कीटों की पहचान हो जाए तो उसे फसल में किसी भी प्रकार के कीटनाशक के स्प्रे की जरुरत नहीं पड़ेगी। महिलओं ने मुख्य कृषि अधिकारी को कपास के खेत में ले जाकर प्रत्यक्ष रुप से कीटों की पहचान करवाते हुए उनके देसी व वैज्ञानिक नाम भी  बताए। महिलाओं ने फिलहाल कपास के पौधों पर मौजूद मिलबग, लेडीबिटल, अंगीरा, मकड़ी व कपास के टिंडों में आने वाले कीट भी दिखाए। महिलाओं ने बताया कि कपास के पौधों का रस चुसने वाले मिलीबग को खत्म करने के लिए लेडीबिटल कपास में प्रर्याप्त संख्या में होती है। एक लेडीबिटल लगभग तीन हजार मिलीबग के बच्चों को चट कर जाती है। मास्टर ट्रेनर महिलाओं ने कृषि अधिकारी को मिलबग के पेट में अपने बच्चों का पोषण करवाने वाले अंगीरा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। अनपढ़ महिलाओं के ज्ञान को देखकर कृषि अधिकारी भी  हैरान रह गए। अंग्रेजो ने कृषि अधिकारी को कपास के पौधे पर मौजूद चार प्रकार की मकड़ी भी  दिखाई। रणबीर मलिक व राममेहर मलिक ने फ्लैक्स के माध्यम से मुख्य कृषि अधिकारी को कपास के कीट तंत्र को विस्तार से समझाया। कीट साक्षरता केंद्र के किसानों ने बताया कि वे कपास व अन्य फसलों में कभी  की कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते। उन्होंने बताया कि मासाहारी कीट स्वयं फसल में नुकसान पहुंचाने वाले शाकाहारी कीटों को कंट्रोल कर लेते हैं। मुख्य कृषि अधिकारी सरबजीत सिंह ने भी महिलाओं के कीट प्रबंधन के ज्ञान को देखकर उनके किसानों को भी यहां पर कीट प्रबंधन के गुर सिखाने की इच्छा जाहिर की। कीट साक्षरता केंद्र के किसानों ने सहर्ष उनकी हामी भरते हुए पूरा सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी डा. सुरेंद्र दलाल भी मौजूद थे। बाद में कीट साक्षरता केंद्र के किसानों ने मुख्य कृषि अधिकारी व प्रगतिशील किसान को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

कीटनाशकों के प्रकोप को रोकने के लिए किसानों को करेंगे जागरुक

होशियारपुर (पंजाब) के मुख्य कृषि अधिकारी सरबजीत सिंह कंधारी ने आज समाज से अपनी विशेष बातचीत में बताया कि पंजाब में कॉटन बैल्ट के नाम से मसहूर मालवा व आस-पास के क्षेत्रों में किसान कपास व अन्य फसलों में अंधाधूंध कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। जिस कारण वहां अधिकतर किसान कैंसर जैसी घातक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कंधारी ने कहा कि जब हरियाणा की अनपढ़ महिलाएं कीटनाशकों के प्रति इतनी बड़ी मुहिम छेड़ सकती हैं तो वहां के किसानों क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि वे कीटनाशकों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए वहां के किसानों को जागरुक करेंगे तथा समय-समय पर निडाना में किसानों का दल भेजकर उन्हें यहां के कीट साक्षरता केंद्र से ट्रेनिंग भी दिलवाएंगे और यहां के किसानों भी ट्रेनिंग देने के लिए पंजाब भी बुलाएंगे।
 


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