.....मैडम जी म्हारा के कसूर सै ?

पिछले 3 माह से चले आ रहे प्राचार्या व अध्यापाकों के विवाद में बाधित हो रही है बच्चों की पढ़ाई

नरेंद्र कुंडू
जींद। ईंटलकलां गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पिछले 3 माह से प्राचार्या व अध्यापकों के बीच चले आ रहे विवाद से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इससे बच्चों का भविष्य खतरे में है। प्राचार्या व अध्यापकों के इस विवाद को देखते हुए स्कूल के बच्चों पर तो हरियाणावी कहावत झोटयां की लड़ाई में झूंडां का खो वाली कहावत सटीक बैठ रही है। पिछले 3 माह से चली आ रही इस लड़ाई में प्राचार्या या अध्यापकों को तो शायद ही कुछ नुक्सान उठाना पड़े या ना पड़े लेकिन इसमें बच्चों को तो पढ़ाई का नुक्सान उठाना ही पड़ेगा। 3 माह के लंबे अंतराल के बावजूद भी विभाग प्राचार्या व अध्यापकों के बीच चली आ रही चौधर की इस जंग को शांत नहीं करवा पाया है। दोबारा से प्राचार्या लता सैनी को इसी स्कूल का चार्ज मिलने के बाद अब अध्यापक यहां से अपना तबादला करवाने पर अड़े हुए हैं। उधर प्राचार्या भी इस स्कूल से अपने तबादले की मांग कर रही है। इसके चलते दोनों पक्षों से शुक्रवार को स्कूल में मामले की जांच के लिए पहुंची एस.सी.ई.आर.टी. की निदेशिका स्नेहलता अहलावत को अपने तबादले के लिए लिखित में पत्र सौंपा है। आगामी 20 नवंबर को परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं लेकिन प्राचार्या व अध्यापकों के इस विवाद के कारण बच्चों का सिलेबस अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में अब स्कूल में पढऩे वाले लगभग 400 बच्चों को अपनी पढ़ाई की ङ्क्षचता सताने लगी है। क्योंकि प्राचार्या व अध्यापकों के इस विवाद का नुक्सान तो आखिरी इन बच्चों को ही उठाना पड़ेगा। बिना वजह अपने भविष्य को दाव पर लगाने वाले इन बच्चों के मुहं से एक ही सवाल निकलता है कि मैडम जी म्हारा के कसूर सै? 

कैसे होगा सिलेबस पूरा 

पिछले 3 माह से चले आ रहे प्राचार्या व अध्यापकों केे इस विवाद के बाद अब दोनों पक्ष यहां से तबादले की मांग कर रहे हैं। 15 अध्यापकों के स्टाफ में से विवाद के चलते 3 अध्यापकों के तबादले पहले ही हो चुके हैं और अब बचे 12 अध्यापकों ने भी एस.सी.ई.आर.टी. की निदेशिका को अपने तबादले के लिए लिखित में शिकायत दी है। अगामी 20 नवंबर से परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और बच्चों का सिलेबस अभी तक पूरा नहीं हो पाया है लेकिन अध्यापक बच्चों का सिलेबस पूरा करवाने की बजाए अपने तबादले पर अड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर यहां से सभी अध्यापकों का तबादला हो जाता है तो क्या विद्यालय में आने वाले नए अध्यापक समय रहते इन बच्चों का सिलेबस पूरा करवा पाएंगे। 

तबादले के लिए लिखित में दिया है पत्र

गांव ईंटलकलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत एस.एस. मास्टर ओमप्रकाश, सूरजभान, मैथ मास्टर रामनिवास, वीरभान, संस्कृत मास्टर सत्यवान, ङ्क्षहदी अध्यापिका लक्ष्मी, ड्राइंग अध्यापक महाङ्क्षसह, पी.टी.आई. राजेंद्र ने बताया कि प्राचार्या लता सैनी के कार्यभार संभालते ही स्कूल का शैक्षणिक माहौल बिगड़ गया है। स्कूल में बाहरी लोगों का आवागमन फिर से शुरू हो गया है। इससे अध्यापक सामाजिक असुरक्षा महसूस करने लगे हैं। ऐसे माहौल में वो बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ हैं। विभाग की एकतरफा जांच से स्कूल के सभी अध्यापक असुंष्ट हैं और इसलिए वे यहां से अपने तबादले के लिए एस.सी.ई.आर.टी. निदेशक स्नेहलता अहलावत को लिखित में पत्र देकर अपना तबादला करवाना चाहते हैं। 

अध्यापकों को बच्चों की पढ़ाई से नहीं कोई सरोकार
 अपने तबादले के लिए निदेशिका को पत्र लिखती अध्यापिकाएं।

प्राचार्या लता सैनी ने कहा कि अध्यापकों का बच्चों की पढ़ाई से कोई सरोकार नहीं है। इसीलिए उनके बहाल होते ही अध्यापक कक्षाएं छोड़ कर बी.ई.ई.ओ. कार्यालय में चले गए। वे किसी भी सूरत में बच्चों की पढ़ाई को बाधित नहीं होने देना चाहती हैं। चाहे इसके लिए विभाग उनका तबादला कहीं और क्यों न कर दे। उन्हें तो शिक्षा विभाग का काम करना है चाहे वो यहां रह कर करें या कहीं और। वे अपने तबादले के लिए विभाग के अधिकारियों से पहले ही गुहार लगा चुकी हैं।

नहीं है किसी भी पक्ष से सहानुभूति

गांव ईंटल कलां के सरपंच महाबीर ने कहा कि प्राचार्या व अध्यापकों के इस विवाद के कारण पिछले तीन  माह से स्कूल का शैक्षणिक माहौल गड़बड़ा गया है। उन्हें न तो अध्यापकों से कोई सहानुभूति है और न ही प्राचार्या से। उन्हें हर हाल में बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चाहिए, चाहे इसके लिए शिक्षा विभाग पूरे स्टाफ का तबादला ही क्यों न कर दे। 

बच्चों की पढ़ाई को नहीं होने दिया जाएगा बाधित

मामले की जांच के लिए शुक्रवार को विद्यालय में पहुंची एस.सी.ई.आर.टी. निदेशिका स्नेहलता अहलावत ने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी गई है और दोनों ही पक्षों से लिखित में उनकी शिकायतें ले ली गई हैं। मुख्यालय में जाकर जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल की व्यवस्था तथा बच्चों की पढ़ाई को किसी भी सूरत में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए ही वे खुद यहां चलकर आई हैं। 


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