2014 से पहले होर्मुज संकट आ जाता तो देश संकट में आ जाता : नरेंद्र मोदी

 --कांग्रेस के 90 साल के शासनकाल में महज 30 प्रतिशत ही पाया रेलवे का बिजलीकरण

--भाजपा सरकार ने पिछले 12 साल में रेलवे का किया 100 प्रतिशत बिजलीकरण
--कहा, मोदी समस्या का समाधान खोजता है, मोदी है तो मुमकिन है

सवेरा न्यूज/नरेंद्र कुंडू

रैली को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
जींद, 17 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद रैली में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज पश्चिमी एसिया में युद्ध चलने के कारण तेल, गैस व खाद की बड़ी मात्रा में किल्लत चल रही है क्योंकि समुंद्र के रास्ते होर्मुज से भारत में खाद, तेल व गैस का आयात होता है। यदि यह होर्मुज संकट 2014 से पहले हो जाता तो देश बहुत बड़े संकट में आ जाता। क्योंकि कांग्रेस ने अपने 70 वर्ष के शासनकाल में महज 30 प्रतिशत रेलवे का बिजलीकरण किया। बाकि 70 प्रतिशत ट्रेनें डीजल से ही चलती थी। रेलवे के 100 प्रतिशत बिजलीकरण होने में और 100-200 साल लग जाते लेकिन भाजपा सरकार ने अपने 12 वर्ष के शासनकाल में रेलवे में बहुत बड़े बदलाव किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 19वीं सदी में रेलवे की पहचान स्ट्रीम ट्रेन की थी, 20वीं सदी डीजल व बिजली की और आज 21वीं सदी हाइड्रोजन  ट्रेन की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है इस वजह से तेल संकट के बाद भी भारत की रेल रुकी नहीं और न ही भारत के विकास की गाड़ी कहीं अटकी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोदी केवल समस्या को नहीं देखता, समस्या के साथ-साथ समाधान भी खोजता है। मोदी है तो मुमकिन है। उन्होंने कहा कि भारत ने हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत कर एक बड़ा कदम उठाया है। अभी जींद से सोनीपत के लिए चली इस हाइड्रोजन ट्रेन का सफर केवल 90 किलोमीटर का है आने वाले समय में इस क्षेत्र में आपार संभावनाएं हैं। इस सफर को और आगे बढ़ाया जाएगा इसके लिए अभी ट्रायल चल रही है।

बॉक्स

भारत ने दुनिया की सबसे ताकतवर व सबसे लंबी ट्रेन की कि शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जींद से सोनीपत के बीच शुरु हुई यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर व सबसे लंबी ट्रेन है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन का इंजन 3200 हॉर्स पावर का इंजन है। भारत से पहले केवल दुनिया के तीन-चार ही देशों में हाइड्रोजन ट्रेन चलती है लेकिन उन देशों में केवल तीन से चार कोच की ही ट्रेन है जबकि भारत ने 10 कोच की ट्रेन की शुरुआत की है। इस ट्रेन की शुरुआत कर भारत ने दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन धुआं रहित तो है ही साथ ही मेक इन इंडिया का सबसे बड़ा उदाहरण भी है।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

खेल-खेल में बन गया कीटों का मास्टर

महापंचापयत में खापों ने किया किसान-कीट विवाद के समझौते का प्रयास

किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बना ईगराह का मनबीर रेढ़ू